
युवाओं ने लखनदेई नदी के तट पर जाकर उसकी पीड़ा को संगीत और कविताओं के जरिए प्रस्तुत किया. जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, प्रशासन पर चारों ओर से दबाव बढ़ने लगा. स्थानीय निवासी अविनाश कुमार के अनुसार, यह उन जनप्रतिनिधियों के लिए करारा संदेश है, जो वर्षों से इस मुद्दे पर मौन थे.
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